Ram Bhakt Hanuman Logo

श्री राम भक्त हनुमान

English Website हनुमानजी श्री राम पूजन विधि


पुत्र प्राप्ति की हनुमान कहानी :

एक समय की बात है एक ब्राह्मण पत्नी और पति थे | उनके कोई संतान नही थी इसी कारणवश वे दुखी थे | ब्राह्मण हनुमान जी का परम भक्त था और अपनी हर प्राथना में संतान प्राप्ति की ही विनती करता था | दूसरी तरफ उसकी पत्नी भी बालाजी की परमभक्त थी , वह भी हर मंगलवार हनुमानजी का व्रत रखती थी और अपने सम्पूर्ण दिन को हनुमानजी की सेवा में लगा देती थी | एक मंगलवार ऐसा आया जब वो हनुमान जी भोग के लिए प्रसाद की व्यवस्था नहीं कर सकी | उसे उस दिन बहूत दुःख हुआ और उसने यह प्रण लिया की अब वो पुरे सप्ताह व्रत रखेगी | सप्ताह भर भूखे पेट रहने से वो महिला बड़ी कमजोर हो गयी | भगवान श्री हनुमान अपने इस भक्त यह त्याग देख रहे थे | अब उनसे भी रहा ना गया और उन्होंने उस महिला को बालक के रूप में दर्शन दिए | महिला उस बालक के चरणों में गिर गयी , वो समझ चुकी थी की वो बालक कोई और नहीं अपितु हनुमान ही है |

बालक हनुमान ने उन्हें आशीष रूप में एक पुत्र दिया जिसका नाम उस महिला ने मंगल रखा | उसके बाद हनुमान जी अद्रश्य हो गये | शाम को जब ब्राह्मण घर आया तब उसने देखा की उनके घर के आँगन में कोई बालक खेल रहा है |

ब्राह्मण पत्नी ने अपनी आपबीती और हनुमान जी कृपा के बारे में ब्राह्मण को बताया परन्तु उसके पति को उसपर तनिक विश्वास नहीं हुआ | वो उस बच्चे से नफरत करने लगा और मन ही मन उसे मारने के योजना बनाने लगा |

एक दिन उसने देखा की मंगल कुवे पर पानी खीचने जा रहा था | वो ब्राह्मण उसके पीछे पीछे गया और मोका मिलते ही मंगल को धक्का देकर कुवे में दखेल दिया और फिर घर आ गया | लेकिन अब उसको खुद से नफरत होने लगी की उसने एक बालक को मौत के मुंह में छोड़ दिया |

उसे खुद से इतनी गलानी हुई की वो अपनी पत्नी के सामने भी नहीं आ सकता था | इसी कारण उनसे घर छोड़ने का निर्णय लिया | तभी मंगल उसके सामने आ गया | ब्राह्मण को अपनी आँखों पर यकीन नही हो पा रहा था | रात्रि में हनुमानजी ने ब्राह्मण को सपने में दर्शन दिए और बोले की अपनी पत्नी की हर बात पर यकीन करो वो सत्य ही बोल रही है |

तब ब्राह्मण को महसूस हुआ की उनसे बहूत गलत किया है , उसने अपनी पत्नी से माफ़ी मांगी और फिर वो ख़ुशी ख़ुशी अपने पुत्र मंगल के साथ रहने लगे |
इस तरह हनुमान जी ने जेसे इस ब्राह्मण जोड़े को अपना आशीष दिया वेसे ही सभी भक्तो पर अपना आशीष रखे |


जय जय श्री मंगल करण हनुमान जी महाराज


श्री हनुमान जी की हिन्दी में आरती
हनुमान चालीसा पाठ
मुख्य और प्रसिद्ध मंदिर श्री हनुमान जी के
कैसे करे सुन्दरकाण्ड का पाठ सही विधि से
हनुमान जी के सिद्ध और चमत्कारी मंत्र
श्री हनुमान कवच
हनुमानजी की पूजा कैसे करे